The Bengal Files Movie Review (द बंगाल फाइल्स मूवी रिव्यू)

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The Bengal Files ( बंगाल फाइल्स) 1946
The Bengal Files ( बंगाल फाइल्स) 1946
3.5
Review Overview

कलाकार: मिथुन चक्रवर्ती,  दर्शन कुमार ,अनुपम खेर, पल्लवी जोशी
निर्देशक: विवेक रंजन अग्निहोत्री
जॉनर: राजनीतिक-ड्रामा, थ्रिलर, ऐतिहासिक

कहानी (Synopsis)

विवेक रंजन अग्निहोत्री की नई फिल्म The Bengal Files उनकी चर्चित Files Series का समापन करती है। इस सीरीज़ की पिछली फिल्मों The Tashkent Files और The Kashmir Files  ने बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के बीच खूब सुर्खियाँ बटोरी थीं। अब तीसरे अध्याय के रूप में The Bengal Files एक बार फिर बहस और चर्चा को हवा देने के लिए तैयार है। यह फिल्म 1946 में बंगाल में हुए दंगों और विभाजन की त्रासदी पर आधारित है। फिल्म Great Calcutta Killings, Direct Action Day और Noakhali riots जैसी भयावह घटनाओं को सामने लाती है, जिन्हें इतिहास की किताबों में बहुत कम जगह दी गई।

कहानी का केंद्र बंगाल की उस सच्चाई पर है, जिसने लाखों लोगों की ज़िंदगी बदल दी और देश के बंटवारे की नींव रखी। विवेक अग्निहोत्री इसे एक थ्रिलर शैली में परोसते हैं, जहाँ जाँच-पड़ताल, मानवीय पीड़ा और राजनीति एक साथ चलती है।

कहानी और पटकथा

कहानी बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय को छूती है। पटकथा में ऐतिहासिक घटनाओं को भावनात्मक टोन के साथ जोड़ा गया है। फिल्म का पहला हाफ बैकस्टोरी और किरदारों की स्थापना पर केंद्रित है। दूसरे हाफ में फिल्म और गहरी होती है और दर्शक हिंसा और राजनीतिक षड्यंत्रों से रूबरू होते हैं।

डायलॉग्स सीधे और तीखे हैं। कई संवाद दर्शकों को झकझोरते हैं और उन्हें सोचने पर मजबूर करते हैं। इंटरवल तक फिल्म दर्शकों को पूरी तरह पकड़ लेती है, और क्लाइमैक्स तक आते-आते यह एक सोच-समझकर बनाई गई ऐतिहासिक रचना में बदल जाती है।

निर्देशन

विवेक रंजन अग्निहोत्री अपने विषयों को लेकर हमेशा साहसी रहे हैं और इस बार भी उन्होंने वही किया है। उनका निर्देशन सीधा, बिना लाग-लपेट और गहराई से शोध पर आधारित है। उन्होंने 1946 की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को पर्दे पर बखूबी जीवित किया है। फिल्म को डॉक्यूमेंट्री जैसा न दिखकर सिनेमाई ट्रीटमेंट देना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

कलाकारों का अभिनय

  • मिथुन चक्रवर्ती: उनका प्रदर्शन फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उनके किरदार में गंभीरता और भावनात्मक गहराई दोनों झलकती हैं।

  • अनुपम खेर: हमेशा की तरह सशक्त अभिनय, जो हर फ्रेम में असरदार दिखता है।

  • पल्लवी जोशी: एक भावनात्मक और प्रामाणिक परफॉर्मेंस देती हैं। उनके संवाद फिल्म की आत्मा बन जाते हैं।

  • दर्शन कुमार: नए अंदाज में नजर आते हैं और उनका अभिनय कहानी को मजबूती देता है।

सपोर्टिंग कास्ट भी अपने-अपने किरदारों में फिट बैठती है और फिल्म को वास्तविकता से जोड़ती है।

संगीत और तकनीकी पक्ष

फिल्म का संगीत ज्यादा प्रमुख नहीं है, क्योंकि कहानी खुद में ही भारी है। बैकग्राउंड स्कोर घटनाओं की तीव्रता को और उभारता है। सिनेमैटोग्राफी बेहतरीन है, जो 1940 के दशक के बंगाल का असली रूप दर्शकों के सामने रखती है। प्रोडक्शन डिजाइन और कॉस्ट्यूम भी उसी दौर की प्रामाणिकता को जीवंत करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

फिल्म सबसे पहले विदेशी दर्शकों को दिखाई गई थी, जहाँ इसे “Gut-Wrenching” और “Wake-up Call” कहा गया। अमेरिका और यूरोप में हुए प्रीमियर में दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ बेहद सकारात्मक रहीं। यह फिल्म सिर्फ भारतीय दर्शकों के लिए ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऑडियंस के लिए भी एक झकझोर देने वाला अनुभव साबित हुई।

कुल मिलाकर, The Bengal Files एक संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्म है जो इतिहास के उन पन्नों को खोलती है जिन्हें दशकों से छुपाया गया। फिल्म मनोरंजन से अधिक एक सशक्त संदेश है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी है — दमदार अभिनय, साहसी निर्देशन और प्रामाणिक प्रस्तुति।

रेटिंग: ★★★½ (3.5/5)

The Bengal Files ( बंगाल फाइल्स) 1946
Review Overview
3.5
Criteria 3.5
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